मित्रों नमस्कर,
इस पोस्ट में हम डिजिटल कैमरा मोड्स पर चर्चा करेंगे।
आधुनिक कैमरा में विभिन्न प्रकार के शूटिंग मोड्स होते हैं जो तस्वीर लेने में सहुलिअत प्रदान करते हैं। मुख्य तौर पर तीन प्रकार के शूटिंग मोड्स होतें हैं :-
1. फुल ऑटो (Full Auto)
2. सेमी ऑटो (Semi Auto)
3. मैन्युअल (Manual)
मोड सेटिंग बदलने पर एक्सपोज़र की वैल्यूज बदलती हैं और स्थिति के अनुसार सही एक्सपोज़र से तस्वीर ली जाती है।
अलग मोड्स के चुनने से निचे दी हुई वेरिएबल्स (variables) में बदलाव आता है।
1. अपर्चर
2. शटर स्पीड
3. ISO
4. वाइट बैलेंस
5. फ़्लैश
6. फोकस
एक फोटोग्राफर के लिए शूटिंग मोड्स की जानकारी बहुत अहमिअत रखती ही क्योंकि धृश्य के मुताबिक शूटिंग मोड का चयन करके हम तस्वीर को सही एक्सपोज़र प्रदान कर सकतें हैं।
फुल ऑटो मोड (Full Auto Mode )
जब हम शूटिंग मोड को ऑटो पर सेट करते हैं तो कैमरा धृश्य में रौशनी के मुताबिक अपर्चर, ISO और शटर स्पीड का चयन करता है। अगर धृश्य में रौशनी सही मात्र में है तो इस मोड से अच्छी तस्वीर ले सकते हैं। अगर दृश्य में धुप छाव है तो शायद आपकी तस्वीर सही एक्सपोज़ न हो। इस मोड में रचनात्मक तसवीरें लेना मुमकिन नहीं है।
जब हम पोर्ट्रेट मोड चुनते हैं तो कैमरा का अपर्चर ज्यादा बड़ा खुलता है जो की तस्वीर को छोटा डेप्थ ऑफ़ फील्ड प्रदान करता है। क्योंकि बैकग्राउंड धुंधला हो जाता है इससे तस्वीर उभर कर नज़र आती है। अगर दृश्य में रौशनी कम हो तो फ़्लैश भी फायर होता है।
अगर जिस वास्तु की आप तस्वीर ले रहें हैं वोह आपके हाथ से छोटा है तो मैक्रो मोड का इस्तेमाल सही रहेगा। जब कैमरा मैक्रो मोड में होता है तो डेप्थ ऑफ़ फील्ड बहुत कम होता है इसलिए त्रिपाद(tripod) का इस्तेमाल ज़रूरी है। फोकस पर भी बहुत सावधानी की ज़रूरत है। मैक्रो मोड में आप सब्जेक्ट के बहुत करीब होते हैं इसलिए आपकी छाया रौशनी कम कर दे, इस बात का ख्याल रकना भी बहुत ज़रूरी है।
जब हम कोई गतिविधि को स्थिर(freeze) करना चाहते हैं तो स्पोर्ट्स मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस मोड का इस्तेमाल कार रेसिंग, स्कीइंग, स्पोर्ट्स इवेंट्स इत्यादि के लिए किआ जा सकता है। जब हम इस मोड को चुनते हैं तो कैमरा तेज़ शटर स्पीड का इस्तेमाल करता है जिससे तस्वीर में ऐसा लगता है की हरकत थम गई है।
इस मोड का इस्तेमाल हम लैंडस्केप जैसे की पहाड़, झरना इत्यादि के लिए कर सकते हैं। जब हम ये मोड चुनते हैं तो कैमरा छोटे अपर्चर का चयन करता है जैसे की f 16 या f 22. इससे डेप्थ ऑफ़ फील्ड ज्यादा से ज्याद मिलता है और आगे से पीछे तक काफी एरिया फोकस में रहता है। यह मोड वाइड एंगल लेंस के साथ अच्छा काम करता है।
नाईट मोड कम रौशनी में तस्वीर लेने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जब हम नाईट मोड सेट करते हैं तो कैमरा बैकग्राउंड को सही एक्सपोज़ करने के लिए शटर स्पीड चुनता है और साथ ही फ़्लैश भी फायर करता है जिससे की foreground भी सही एक्सपोज़ हो। क्योकि इस मोड में शटर स्पीड काफी कम हो सकता है, तो यह ज़रूरी है की कैमरा शेक (Camera Shake) न हो इसलिए त्रीपोद (Tripod) का इस्तेमाल किया जाये।
सेमी ऑटो मोड (Semi Auto Mode)
यह मोड ऑटो मोड की तरह ही है और फुल ऑटो मोड में काम करता है। इसके अलावा इसकी खासिअत यह है की ज़रूत के मुताबिक आप अपर्चर, शटर स्पीड, ISO और वाइट बैलेंस (White Balance) सेट कर सकते हैं और रचनात्मक तसवीरें खीच सकतें हैं।
अपर्चर प्रायोरिटी मोड एक सेमी आटोमेटिक मोड है जिसमे आप अपर्चर का साइज़ चुन सकते हैं। अपर्चर के साइज़ पर डेप्थ ऑफ़ फील्ड निर्भर करता है। अगर आप कम डेप्थ ऑफ़ फील्ड चाहतें हैं तो बड़ा अपर्चर सेट कीजिए जैसे की f 2.0 या f 2.8 और अगर आप ज्यादा डेप्थ ऑफ़ फील्ड चाहते हैं तो छोटा अपर्चर सेट कीजिए जैसे की f 11 या f 16. जब आप अपर्चर सेट करतें है तो कैमरा जरुरत के मुताबिक शटर स्पीड और ISO का चयन करता है जिस्सेकी सही एक्सपोज़र प्राप्त हो।
शटर प्रायोरिटी मोड में आप शटर स्पीड सेट करते हैं और कैमरा ज़रूरत के मुताबिक अपर्चर, ISO और वाइट बैलेंस तै करता है। अगर आप गतिविधि फ्रीज करना चाहें तो तेज़ शटर स्पीड चुने वर्ना कम शटर स्पीड चुने।
मैन्युअल मोड ऑटो मोड के ठीक विपरीत है। इस मोड का इस्तेमाल करने के लिए आप को अपर्चर , शटर स्पीड, ISO , वाइट बैलेंस और फ़्लैश के इस्तेमाल की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
आधुनिक डिजिटल कैमरा से आप मूवी भी खीच सकते हैं। मूवी मोड इसीलिए होता है।
इस पोस्ट में बस इतना ही।
नमस्कार











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