Saturday, December 1, 2012

Know your DSLR


मित्रों नमस्कार,

इस पोस्ट में मैं आपको आमतौर पर एक DSLR कैमरा से जानकारी कराऊंगा। अगर आप अच्छी तसवीरें लेना चाहते हैं तो आपको अपने कैमरा के हर पहलु को जानना ज़रूरी है। मोटेतौर पर एक DSLR  कैमरा दो भागों में आता है, कैमरा बॉडी (Camera Body) और (lens) लेंस।

जब हम कैमरा बॉडी की बात करतें हैं तो  उसमे लेंस और एक्सटर्नल फ़्लैश शामिल नहीं होता है। निचे दी हुई तस्वीर देखें।




कैमरा के जरुरी हिस्से 


फ्रंट व्यू 



रियर व्यू 


टॉप व्यू 

साइड व्यू 


लेंस (Lens)

कैमरा में लेंस एक लेंस माउंट के द्वारा कनेक्ट होता है। 


लेंस को कैमरा से अलग अलग करने के लिए लेंस रिलीज़ बटन को दबा कर रखना जरुरी है। लेंस पर एक स्विच होता है जिससे अप ऑटो फोकस या मैन्युअल फोकस पर लेंस को सेट कर सकते हैं। कई प्रकार के लेंस होते हैं जैसे की नार्मल(Normal), वाइड एंगल(Wide Angle) , टेलीफ़ोटो लेंस(Telephoto) वगैरह वगैरह। ज्यादातर फोतोग्रफेर्स कैमरा के लेंस को कैमरा बॉडी से ज्यादा अहमियत देते हैं। लेंस के बारे में मैं विस्तार से जानकारी एक अलग पोस्ट में दूंगा। 

शटर रिलीज़ बटन (Shutter Release Button)

तस्वीर लेने के लिए हम शटर रिलीज़ बटन को दबाते हैं। इसका तरीका इस प्रकार है। पहले आप आधा प्रेस करें, इससे लेंस फोकस कर  लेगा और सही एक्सपोज़र भी तै करलेगा। उसके बाद आप फुल प्रेस करें तो तस्वीर खीच जाएगी।

व्यू फाइंडर (View Finder )

इससे देख कर हम तस्वीर कंपोज़ और फोकस  करते हैं। 



एलसीडी मॉनिटर (LCD Monitor)

इसमें हम खिची हुई तस्वीरों को देख सकते हैं। इस पर हम कैमरा के मेनू सिस्टम को देख सकते हैं और सेट कर सकते हैं।  

डेप्थ ऑफ़ फील्ड प्रीव्यू 

इस बटन को दबा कर हम डेप्थ ऑफ़ फील्ड की जानकारी हासिल कर सकतें हैं। डेप्थ ऑफ़ फील्ड के बारे में एक अलग पोस्ट में आप को पूरी जानकारी दूंगा। 

कनेक्शन टर्मिनल्स 

आम तौर पे हर डिजिटल कैमरा में भिन्न प्रकार के कनेक्शन टर्मिनल्स होते हैं जो की कंप्यूटर के साथ या टीवी के साथ संपर्क स्थापित करने के काम आते हैं। 



शटर (Shutter)

कैमरा में शटर एक  जरुरी  यन्त्र है। यह कितनी देर तक रौशनी इमेज सेंसर पर पड़े को कण्ट्रोल करता है। शटर कितनी देर तक खुला रहे , ये शटर स्पीड की सेटिंग पर निर्भर है। 

इमेज सेंसर (Image sensor)

इमेज सेंसर एक यन्त्र है जो शटर के पीछे स्थापित होता है। जो रौशनी  सब्जेक्ट से रिफ्लेक्ट हो कर सेंसर पर गिरती है को कलेक्ट करता है और एक इमेज फाइल के रूप में मेमोरी कार्ड में रिकॉर्ड करता है।  इमेज  सेंसर अलग अलग साइज़ के होतें हैं। 

त्रिपाद सॉकेट (Tripod Socket)

 इसके मदद से आप कैमरा को त्रिपाद या मोनोपौड  पर स्थापित कर सकते हैं। 



बैटरी चैम्बर (Battery Chamber)

कैमरा को पॉवर देने के लिए बैटरी की ज़रूरत होती है जो की बैटरी  चैम्बर में स्थापित की जाती है।

मेमोरी कार्ड स्लॉट (Memory Card Slot )

कैमरा के द्वारा खिची  तसवीरें मेमोरी कार्ड पर रिकॉर्ड होता है। ये मेमोरी कार्ड एक स्लॉट में स्थापित होता है। मेमोरी कार्ड में सेव किये हुए इमेज फाइल्स को आप कंप्यूटर या लैपटॉप में डाउनलोड कर सकतें है और फिर मेमोरी कार्ड से मिटा सकते हैं।  



हॉट शू (Hot Shoe) 

कैमरा के उपरी भाग में एक हॉट शू होता है जो एक्सटर्नल फ़्लैश को इस्तेमाल करने के लिए होता है।

बिल्ट इन फ़्लैश (Built in flash)

किसी किसी कैमरा में बिल्ट इन फ़्लैश भी होता है।

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